Khwahishe Rooh Ki
Laxmi Narayan Payodhi
ख्वाहिशे रूह की
शाक्त लेने लगी एम्तिहान
फ़र्ज़ा की फ़िक्रों में
एक करदूँ ज़म्मी आस्मा
ख्वाहिशे रूह की
शाक्त लेने लगी एम्तिहान
फ़र्ज़ा की फ़िक्रों में
एक करदूँ ज़म्मी आस्मा
मक्शात चला साथ हूउ
फितरत ले गुफफ़्त गुऊु
हासिल मुझे हो गया
मोहब्बतें सारा जहां
रोशनी बन गई है दुआ
कोहारखना यूँ हुआ
रोशनी बन गई है दुआ
बन गई है दुआ
हुमनावा एक खुशी
ढूंढ़ती और कातिल अदा
साजिशे रही
मुख़्तलिफ़ दुश्मनी उन सदा
बेशक बहुत दूर तक
कुछ हौसाले की चमक
जाना पड़ेगा वहां
अमर का हसीं कहकशा
रोशनी बन गई है दुआ
कोहारखना यूँ हुआ
रोशनी बन गई है दुआ
बन गई है दुआ